शनिवार, 22 मार्च 2014

सकारात्मक राजनीति

सकारात्मक्ता एक महत्वपूर्ण पहलू है जिससे करीब सभी सहमत हो सकते हैं । बस जरूरत है तो इसे आत्मसात करने की । खासकर भारतीय राजनीति के संदर्भ मे देखा जाय तो यह बहुत ही जरूरी है । ध्यान जाता है चुनाव की तरफ जिसमें चुनावी राजनीति सिर्फ-और-सिर्फ सत्ता के लिये ही नहीं होती है बल्कि यह जनता को मुद्दों से अवगत कराते हुये उसे शिक्षित और जागरूक करने मे भी सहायक होती है । जिसके तहत राजनीतिक पार्टियों ,नेताओं ,विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा व्यक्तियों के द्वारा इसके विभिन्न पहलुओं और आयामों से देश की जनता को अवगत कराया जाता है । और यदि यह सकारात्मक्ता के साथ हो तो देश के विकास के लिये यह बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकता है ।

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